चित्तौड़गढ़। राजस्थान सरकार की स्क्रैपेज पॉलिसी को लेकर पूर्व राज्यमंत्री सुरेंद्रसिंह जाड़ावत ने भजनलाल सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि यह कानून गरीब और मध्यम वर्ग के हितों के विरुद्ध है तथा इससे आम जनता पर अनावश्यक आर्थिक बोझ डाला जा रहा है।
जाड़ावत ने कहा कि गरीब और मिडिल क्लास परिवारों के लिए नई गाड़ी खरीदना आसान नहीं होता, इसलिए वे उपयोग में ली गई (यूज्ड) गाड़ियाँ खरीदते हैं। ऐसे परिवारों के बच्चे उन्हीं गाड़ियों में बैठकर खुशियाँ महसूस करते हैं, लेकिन सरकार की यह स्क्रैप पॉलिसी इन खुशियों पर कुठाराघात करने वाली है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इस तरह के नियम बनाकर बड़े उद्योगपतियों और ऑटोमोबाइल कंपनियों को फायदा पहुँचाने का प्रयास कर रही है।
पूर्व राज्यमंत्री ने कहा कि राज्य में हजारों मध्यम वर्गीय परिवार ऐसे हैं जिनके वाहन बहुत कम चलते हैं। केवल वाहन की उम्र के आधार पर उन्हें स्क्रैप में बदलने के लिए मजबूर करना अन्यायपूर्ण है। उन्होंने मांग की कि अधिक चलने वाले और अधिक प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को ही 15 वर्ष की श्रेणी में रखा जाए, जबकि कम किलोमीटर चले और अच्छी स्थिति में मौजूद वाहनों को इस स्क्रैप पॉलिसी से बाहर किया जाना चाहिए।
जाड़ावत ने कहा कि फिटनेस के बजाय केवल वाहन की उम्र के आधार पर स्क्रैप करने का नियम लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक भार डालेगा, क्योंकि कई वाहन वर्षों बाद भी पूरी तरह फिट और सुरक्षित होते हैं। सरकार के इस फैसले से गरीब और मध्यम वर्ग सबसे अधिक प्रभावित होंगे।
उन्होंने राज्य सरकार से मांग की कि स्क्रैप पॉलिसी पर पुनर्विचार किया जाए और आमजन के हितों को ध्यान में रखते हुए इसमें आवश्यक संशोधन किए जाएं।













