चित्तौड़गढ़। इस वर्ष मकर संक्रांति का पावन पर्व विशेष शुभ योगों के साथ मनाया जाएगा। माघ शुक्ल एकादशी, बुधवार को भारतीय समयानुसार सायंकाल 03:13 बजे सूर्य के मकर राशि में प्रवेश के साथ संक्रांति घटित होगी। इसी के साथ खरमास एवं मलमास की समाप्ति होगी और मांगलिक कार्यों के शुभारंभ का मार्ग प्रशस्त होगा। संक्रांति का पुण्यकाल दोपहर से प्रारंभ माना गया है।
ॐ तत्सत् पारमार्थिक संस्था के ज्योतिषाचार्य पंडित विकास उपाध्याय ने जानकारी देते हुए बताया कि संक्रांति के साथ सामान्य रूप से मांगलिक कार्य शुभ माने जाते हैं, किंतु शुक्र तारा 02 फरवरी तक अस्त रहने के कारण विवाह जैसे संस्कार उक्त तिथि के पश्चात् करना अधिक श्रेयस्कर रहेगा।
संक्रांति पर धर्म–कर्म का विशेष महत्व
शास्त्रों के अनुसार मकर संक्रांति के दिन ब्रह्म मुहूर्त में उषाकाल में तिल युक्त जल से स्नान अथवा तीर्थ स्नान, सूर्य को अर्घ्य, पितृ तर्पण एवं दान–पुण्य का विशेष महत्व है। इस दिन तिल, कंबल, छाता, जूते, वस्त्र, अन्न, धान्य, तेल, घृत, गुड़, फल एवं तांबे के पात्र का दान अक्षय पुण्य प्रदान करता है। खिचड़ी का सेवन एवं दान भी अत्यंत शुभ माना गया है।
साथ ही सूर्य मंत्र, गायत्री मंत्र, सूर्य गायत्री मंत्र, आदित्य हृदय स्तोत्र, सूर्य द्वादशनाम स्तोत्र, गुरु मंत्र एवं इष्ट मंत्रों का जाप तथा यज्ञ–हवन में आहुति विशेष फलदायी होती है।
षट् तिला एकादशी का पुण्ययोग
इसी दिन षट् तिला एकादशी का व्रत भी रहेगा। शास्त्रों में तिल से जुड़े छह विशेष कर्म बताए गए हैं—
तिल से उबटन, तिल युक्त जल से स्नान, तिल से तर्पण, तिल का प्रसाद, तिल का दान एवं तिल से होम।
इन कर्मों से पाप क्षय, आरोग्य, आयु वृद्धि एवं समृद्धि की प्राप्ति होती है।
समाज, राजनीति और अर्थजगत पर प्रभाव
ज्योतिषीय दृष्टि से यह संक्रांति उच्च पदाधिकारियों, विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों, राजनेताओं एवं नीति–निर्माता वर्ग के लिए विशेष शुभफलप्रद मानी जा रही है। व्यापारी, उद्योगपति एवं व्यवसायी वर्ग के लिए यह संक्रांति सामान्य फलदायी रहेगी।
हालांकि शेयर बाजार एवं इंपोर्ट–एक्सपोर्ट से जुड़े क्षेत्रों में कुछ नकारात्मक संकेत दिखाई दे रहे हैं, अतः सतर्कता आवश्यक होगी। सोना–चांदी एवं खाद्य वस्तुओं में तेजी की संभावना व्यक्त की गई है।
12 राशियों पर संक्रांति का प्रभाव
मेष – जल्दबाजी से बचें, नेतृत्व क्षमता विकसित होगी।
वृषभ – स्थिरता व धैर्य से दीर्घकालिक योजनाएं सफल होंगी।
मिथुन – आत्ममंथन का समय, रिश्तों में जिम्मेदारी बढ़ेगी।
कर्क – भावनाओं पर संयम रखें।
सिंह – कर्तव्यों पर ध्यान दें, स्वास्थ्य सुधारें।
कन्या – शांत और व्यवस्थित रहकर प्रगति संभव।
तुला – रिश्तों व आर्थिक निर्णयों में संतुलन आवश्यक।
वृश्चिक – अतीत से सीख लेकर आगे बढ़ें।
धनु – आत्ममूल्यांकन करें, वाणी पर नियंत्रण रखें।
मकर – जिम्मेदारियों का दबाव रहेगा, यही आपकी शक्ति बनेगा।
कुंभ – भविष्य की योजनाएं आकार लेंगी।
मीन – आत्मचिंतन व आध्यात्मिकता से मानसिक शांति मिलेगी।
राशि अनुसार दान एवं जाप
मकर संक्रांति पर राशि एवं ग्रहों की अनुकूलता के अनुसार दान एवं मंत्र जाप करने से ग्रहदोष शांति, स्वास्थ्य, धन एवं समृद्धि की प्राप्ति होती है।
ज्योतिषाचार्य पंडित विकास उपाध्याय ने कहा कि मकर संक्रांति आत्मशुद्धि, दान, साधना एवं सामाजिक समरसता का महापर्व है। इस दिन श्रद्धा से किया गया प्रत्येक कर्म कई गुना फल प्रदान करता है।












