जयपुर। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने कहा है कि पारदर्शी तरीके से लोकसेवकों की भर्ती करने से ही कोई प्रदेश आगे बढ़ सकता है और मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा की सरकार ने पूर्ववर्ती सरकार का पेपरलीक का सिलसिला खत्म कर राजस्थान को इससे निजात दिलाई है। उन्होंने कहा कि हमारी राज्य सरकार भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता रखते हुए भ्रष्टाचार का उन्मूलन और योग्यता का सम्मान करते हुए राजस्थान के युवाओं को ‘बिना सिफारिश और बिना खर्चे’ के नौकरी दे रही है।
शाह शनिवार को आरपीए में कांस्टेबल नव नियुक्ति समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अच्छी कानून व्यवस्था से ही प्रदेश का विकास संभव है। इसे ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा की सरकार ने पेपरलीक पर रोक लगाने के साथ-साथ कानून व्यवस्था को मजबूत बनाया और प्रधानमंत्री के नेतृत्व में राजस्थान को पूरे देश में निवेश का अग्रणी राज्य बनाने का काम भी किया है। इसी का परिणाम है कि आज देशभर के निवेशक राजस्थान की ओर आने की स्पर्धा कर रहे हैं।

राजस्थान पुलिस देश का अग्रणी पुलिस बल
केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि राजस्थान पुलिस बल देश के अग्रणी और सक्षम पुलिस बलों में स्थान रखता है। उन्होंने नव चयनित कांस्टेबलों को नियुक्ति पत्र मिलने की बधाई देते हुए कहा कि जिन युवाओं को आज वर्दी मिली है वे स्थिर चित्त के साथ पूरा ध्यान अपने प्रशिक्षण पर लगाएं और इसके उपरांत अपने काम से जनता की सेवा और सुरक्षा को सुनिश्चित करते हुए सुरक्षित राजस्थान के संकल्प को चरितार्थ करें। उन्होंने चयनित कांस्टेबलों में 2,500 से ज्यादा महिलाओं के शामिल होने पर प्रसन्नता व्यक्त की।
शाह ने कहा कि पाकिस्तान से लगती एक हजार किलोमीटर से अधिक लंबी सीमा, चंबल के दुर्गम बीहड़, थार का मरूस्थल, अजमेर में दरगाह शरीफ, पुष्कर, नाथद्वारा, चित्तौड़, उदयपुर, जोधपुर, जयपुर जैसे पर्यटक स्थलों तथा रणथंभौर, सरिस्का, केवलादेव जैसे प्राकृतिक स्थलों वाले इस प्रदेश में भौगोलिक परिस्थिति के कारण पुलिस की चुनौती और बढ़ जाती हैं। उन्होंने कहा कि प्रतिबद्धता एवं पारदर्शिता से शासन चलाने वाली और कानून व्यवस्था संभालने वाली सरकार आने से प्रदेश में क्या फर्क पड़ सकता है यह मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा की सरकार ने साबित किया है। उन्होंने कहा कि राजस्थान में हमारी सरकार बनने के बाद दो साल में कुल अपराधों में 14 प्रतिशत से अधिक की कमी आई है। गंभीर अपराधों में 19 प्रतिशत, हत्या में 25 प्रतिशत, हत्या के प्रयास में 19 प्रतिशत, महिलाओं के खिलाफ अत्याचारों में 10 प्रतिशत, अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के विरूद्ध अपराधों में 28 प्रतिशत, डकैती के प्रकरणों में 47 प्रतिशत तथा लूट के प्रकरणों में लगभग 51 प्रतिशत की कमी आई है।

दो साल में राजस्थान पुलिस बनी आधुनिक
केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि दो साल में राजस्थान पुलिस में एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स का गठन, पुलिस के आधुनिकीकरण के लिए अभय कमांड सेंटर से 112, सीसीटीएनएस और इंटर-ऑपरेबल क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम (आईसीजेएस) को एकीकृत करने, कालिका पेट्रोलिंग यूनिट की शुरूआत, एंटी नार्कोटिक्स टास्क फोर्स के गठन की शुरूआत जैसी कई महत्वपूर्ण पहल की गई हैं। इसी क्रम में साइबर अपराधों को रोकने के लिए राजस्थान साइबर क्राइम को-ऑर्डिनेशन सेंटर की स्थापना का अहम कदम उठाया गया है।

आपराधिक न्याय प्रणाली के पांचों स्तम्भ ऑनलाइन जुड़े
शाह ने कहा कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में 150 साल पहले बने अंग्रेजों के कानूनों को समाप्त कर भारतीय न्याय संहिता सहित तीन नए कानून लाए गए हैं। ये संहिताएं संविधान द्वारा प्रदत्त शरीर, संपत्ति और सम्मान की रक्षा की गारंटी को सुनिश्चित करने के लिए बनाई गई हैं। नए कानूनों में तकनीक को अहम स्थान देते हुए आपराधिक न्याय प्रणाली के पांचों स्तंभ पुलिस, अभियोजन, जेल, एफएसएल एवं कोर्ट को ऑनलाईन जोड़ा गया है। नागरिकों के अधिकारों की सुरक्षा करने के लिए इन कानूनों के माध्यम से कई नए प्रावधान किए गए हैं। महिला सुरक्षा एवं बाल सुरक्षा का नया अध्याय भी जोड़ा गया है। आतंकवाद और संगठित अपराध को परिभाषित करने के साथ ही सात वर्ष और इससे अधिक कारावास की सजा वाली दफाओं में एफएसएल जांच को अनिवार्य किया गया है।
केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि इन कानूनों के पूरी तरह लागू होने के बाद जो भी एफआईआर पंजीकृत होंगी उनमें तीन साल में ही सुप्रीम कोर्ट तक न्याय मिलने की व्यवस्था हो जाएगी। उन्होंने कहा कि इन कानूनों से राजस्थान पुलिस द्वारा दोष सिद्धि दर 41 प्रतिशत से बढ़कर 60 प्रतिशत पहुंच गई है और आने वाले समय में यह दर 85 प्रतिशत तक पहुंचने की उम्मीद है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश का यह अभूतपूर्व कालखंड – मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि वर्तमान कालखंड देश की आजादी के बाद का अभूतपूर्व कालखंड है, जिसमें देश को यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह का मजबूत और कुशल नेतृत्व मिल रहा है। धारा 370 को हटाकर जम्मू-कश्मीर को देश की मुख्यधारा से जोड़ते हुए देश की एकता एवं अखंडता को मजबूती देने का काम किया गया। श्री शर्मा ने कहा कि जम्मू-कश्मीर का पुनर्गठन देश के एकीकरण में असाधारण योगदान देने वाले लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल एवं डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को सच्ची श्रद्धांजलि है।
केन्द्रीय गृह मंत्री ने नक्सलवाद का सफाया कर मजबूत की आंतरिक सुरक्षा
शर्मा ने कहा कि केन्द्रीय गृह मंत्री ने नक्सलवाद का सफाया करते हुए देश की आंतरिक सुरक्षा को सुदृढ़ करने का काम किया। देश में औपनिवेशिक मानसिकता वाले कानूनों को समाप्त कर लाए गए तीन नए कानूनों से देश की न्याय प्रणाली को अधिक लोकतांत्रिक बनाया गया है। सीएए कानून के माध्यम से पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान में धार्मिक उत्पीड़न झेलने वाले अल्पसंख्यकों को भारतीय नागरिकता देने की राह खोली है। साथ ही, पूर्वाेत्तर में महत्वपूर्ण शांति समझौतों से बड़ी संख्या में युवा हथियार छोड़कर मुख्यधारा में लौटे हैं जिससे देश का पूर्वाेत्तर भाग शांति और विकास के मार्ग पर तेजी से आगे बढ़ रहा है।

सजग, सक्षम और तत्पर रहकर कार्य करें नव चयनित कांस्टेबल
मुख्यमंत्री ने नियुक्ति पत्र प्राप्त करने वाले जवानों को बधाई देते हुए कहा कि केन्द्रीय गृह मंत्री से नियुक्ति पत्र मिलना युवाओं के लिए सोने पर सुहागा है। यह क्षण उन्हें कर्तव्यों को पूरी निष्ठा एवं समर्पण से निभाने के लिए हमेशा प्रेरित करता रहेगा। उन्होंने कहा कि सभी नव चयनित कांस्टेबलों को तीन नए कानूनों के प्रावधानों को अच्छी तरह समझकर इनकी भावना के अनुरूप साइबर अपराध से लेकर संगठित अपराध तक, हर चुनौती के लिए सजग, सक्षम और तत्पर रहकर कार्य करना है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने पुलिस प्रशिक्षण के पुराने तौर-तरीकों को बदलते हुए आधुनिक बनाया है, जिसमें एआई और उन्नत फोरेंसिक जैसी तकनीक को भी शामिल किया गया है।
कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए किए महत्वपूर्ण कार्य
शर्मा ने कहा कि कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए हमारी सरकार ने पिछले दो साल में महिला सुरक्षा के लिए 65 एंटी रोमियो स्क्वॉड, 500 कालिका पेट्रोलिंग यूनिट, 9,400 सीसीटीवी कैमरे लगवाने सहित कई महत्वपूर्ण काम किए हैं। एसआईटी गठित कर परीक्षाओं में अनियमिताओं के प्रकरणों में करीब 400 आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं। साइबर अपराधों पर रोक के लिए ऑपरेशन साइबर शील्ड चलाने के साथ ही सभी थानों में साइबर हेल्प डेस्क स्थापित की हैं। इन प्रयासों से कानून व्यवस्था में बड़ा सुधार हुआ है।
राजस्थान साइबर क्राइम को-ऑर्डिनेशन सेंटर की होगी स्थापना
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इस अवसर पर साइबर अपराध की चुनौती से प्रभावी रूप से निपटने के लिए भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (आई4सी) की तर्ज पर प्रदेश में राजस्थान साइबर क्राइम को-ऑर्डिनेशन सेंटर (आर4सी) की स्थापना की घोषणा की।
आर4सी को साइबर अपराध नियंत्रण के क्षेत्र में एक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित किया जाएगा। आर4सी के माध्यम से राज्य के सभी जिलों के बीच साइबर अपराधों से संबंधित समन्वय, सूचना-साझाकरण और अनुसंधान को एक सुदृढ़ और केंद्रीकृत ढांचा प्रदान किया जाएगा। साथ ही, पुलिस अधिकारियों का क्षमता-वर्धन भी किया जाएगा।
पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा ने कहा कि कांस्टेबल आपराधिक न्याय प्रणाली की रीढ़ हैं। उन्होंने कहा कि 8 हजार से अधिक कांस्टेबलों की नियुक्ति से प्रदेश की कानून व्यवस्था को मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि नए कानून लागू होने से प्रदेश में अनुसंधान की गुणवत्ता में अभूतपूर्व सुधार आया है।
शाह ने कार्यक्रम में सांकेतिक रूप से 10 आरक्षकों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। कार्यक्रम में 8 हजार से अधिक आरक्षकों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए। इससे पहले उन्होंने भारत सरकार की खेलो इंडिया योजना के तहत राजस्थान पुलिस अकादमी जयपुर में बने मल्टी परपज इंडोर हॉल का वर्चुअल लोकार्पण किया।
इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा, गृह राज्यमंत्री जवाहर सिंह बेढ़म, सांसद मदन राठौड़, मुख्य सचिव वी श्रीनिवास सहित जनप्रतिनिधिगण, पुलिस अधिकारीगण, बड़ी संख्या में नव नियुक्त कांस्टेबल एवं उनके परिजन उपस्थित रहे।
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