जयपुर। राजस्थान के पूर्व मंत्री महेंद्रजीत सिंह मालवीय ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा को पत्र लिखकर कांग्रेस में पुनः शामिल होने की इच्छा जताई है। मालवीय लगभग 23 महीने पहले भाजपा में शामिल हुए थे।
रविवार को जयपुर में मालवीय ने कांग्रेस के महासचिव सुखजिंदर सिंह रंधावा, पीसीसी अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली से मुलाकात की।
इस दौरान महेंद्रजीत सिंह मालवीय ने कहा कि भाजपा की सरकार होने के बावजूद वे जनता के काम नहीं करवा पा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार में गरीबों की सुनवाई नहीं हो रही है। मनरेगा का भुगतान महीनों से अटका हुआ है, किसानों को खाद नहीं मिल रही। उन्होंने कई बार मुख्यमंत्री और प्रदेशाध्यक्ष को पत्र लिखे, लेकिन किसी भी समस्या का समाधान नहीं हुआ।
मालवीय ने कहा, “भाजपा में मेरा दम घुट रहा है। मैं एक सेकेंड भी वहां नहीं रहना चाहता। भाजपा में जाना मेरी ऐतिहासिक भूल थी।”
वहीं कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि उन्हें मालवीय का पत्र प्राप्त हुआ है, जिसमें उन्होंने कांग्रेस छोड़ने को अपनी भूल बताया है। डोटासरा ने कहा, “पार्टी की एक डिसीप्लीनरी कमेटी है। सभी स्तरों पर चर्चा कर रिपोर्ट प्रदेश प्रभारी के माध्यम से आलाकमान को भेजी जाएगी। अंतिम निर्णय आलाकमान करेगा।”

जयपुर में मीडिया से बातचीत में मालवीय ने कहा कि कांग्रेस उनके लिए नई पार्टी नहीं है। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन के 40 वर्ष कांग्रेस में बिताए हैं—सरपंच, प्रधान, सांसद, पांच बार जिला प्रमुख, चार बार विधायक और दो बार मंत्री के रूप में उन्होंने लंबे समय तक कांग्रेस की सेवा की है।
उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार के भरोसे वे भाजपा में गए थे, ताकि उनके क्षेत्र का विकास न रुके, लेकिन वहां जाकर उन्हें महसूस हुआ कि उनके विचारों और कार्यशैली के अनुरूप समन्वय संभव नहीं है। कार्यकर्ताओं से विचार-विमर्श के बाद उन्होंने कांग्रेस में लौटने का निर्णय लिया।
मालवीय ने दावा किया कि कांग्रेस का शासन फिर से आने वाला है और उसे कोई रोक नहीं सकता।












