चित्तौड़गढ़। चित्तौड़गढ़ जिले के कांकरवा गांव निवासी एवं राजकीय पूर्व प्राचार्य गणेश लाल जाटोलिया ने 60 वर्ष की आयु में ऑल इंडिया बार एग्जामिनेशन (AIBE) 2025 प्रथम प्रयास में उत्तीर्ण कर अधिवक्ता बनने का गौरव हासिल किया है। इस उपलब्धि के साथ वे क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत बनकर उभरे हैं।
गणेश लाल जाटोलिया ने बताया कि अधिवक्ता बनकर पीड़ित मानवता की सेवा करने की प्रेरणा उन्हें संविधान निर्माता बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर के जीवन और विचारों से मिली। उन्होंने कहा कि न्याय और समानता के मूल्यों को समाज तक पहुंचाना ही उनका उद्देश्य है।
उल्लेखनीय है कि जाटोलिया ने शिक्षा जगत में 35 वर्षों तक राजकीय सेवा प्रदान की है। सेवानिवृत्ति के पश्चात् भी वे सामाजिक, राजनीतिक एवं धार्मिक संगठनों में सक्रिय रहते हुए विभिन्न उच्च पदों पर अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
अधिवक्ता बनने की इस उपलब्धि पर अनेक सामाजिक संगठनों एवं राजनीतिक दलों के पदाधिकारियों ने गणेश लाल जाटोलिया को शुभकामनाएं एवं बधाइयां प्रेषित की हैं। लोगों का कहना है कि जाटोलिया की यह सफलता संदेश देती है कि सीखने और आगे बढ़ने की कोई उम्र नहीं होती।












