चित्तौड़गढ़। राजस्थान सरकार के पूर्व राज्यमंत्री सुरेन्द्रसिंह जाड़ावत ने कहा है कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा द्वारा प्रदेश में चलाए जा रहे अवैध खनन विरोधी अभियान का चित्तौड़गढ़ जिले में कोई प्रभाव नजर नहीं आ रहा है। इसके विपरीत जिले में बड़े पैमाने पर अवैध बजरी खनन एवं परिवहन खुलेआम जारी है।
जाड़ावत ने आरोप लगाया कि सेमलपुरा में अजयराज की हत्या तथा कपासन क्षेत्र में सूरज माली प्रकरण में बजरी माफियाओं के नाम सामने आने के बावजूद अवैध बजरी कारोबार पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने कहा कि स्थानीय जनप्रतिनिधियों सहित कुछ भाजपा जनप्रतिनिधियों की इस अवैध गतिविधि में संलिप्तता के कारण चित्तौड़गढ़ में यह अभियान मूर्त रूप नहीं ले पा रहा है, जबकि अन्य जिलों में कार्रवाई देखने को मिल रही है।
उन्होंने कहा कि अवैध बजरी खनन एवं परिवहन पर कार्रवाई न होने से आमजन में प्रशासन की ढिलाई एवं मिलीभगत की भावना बन रही है। इसी का परिणाम है कि बजरी माफिया बेखौफ होकर खनन और परिवहन कर रहे हैं। इससे जहां सड़कों की हालत खराब हो रही है, वहीं दुर्घटनाओं का खतरा भी लगातार बढ़ रहा है।
पूर्व राज्यमंत्री ने कहा कि अवैध खनन से सरकार को राजस्व का भारी नुकसान हो रहा है तथा बजरी की कालाबाजारी के कारण निर्माण कार्यों के लिए बजरी महंगी हो रही है, जिसका सीधा असर आम आदमी पर पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन प्रयासों के बावजूद अवैध बजरी खनन पर प्रभावी अंकुश लगाने में विफल रहा है।
जाड़ावत ने सरकार से मांग की कि चित्तौड़गढ़ जिले में अवैध बजरी खनन एवं परिवहन पर तत्काल सख्त कार्रवाई करते हुए दोषियों के खिलाफ कठोर कदम उठाए जाएं, ताकि आमजन को राहत मिल सके।













