चित्तौड़गढ़। नववर्ष की पूर्व संध्या पर शहर कांग्रेस हेरिटेज ज़ोन मंडल एवं जिला कांग्रेस कमेटी अल्पसंख्यक विभाग के संयुक्त तत्वावधान में अरावली पर्वतमाला के संरक्षण को लेकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया गया। अल्पसंख्यक जिलाध्यक्ष इम्तियाज हुसैन लौहार के नेतृत्व में सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मशाल जुलूस निकालते हुए सरकार की नीतियों के खिलाफ कड़ा रोष जताया।
मशाल जुलूस पद्मिनी पार्क से प्रारंभ होकर नेहरू बाजार होते हुए सुभाष चौक पहुंचा, जहां नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा के समक्ष इंकलाब जिंदाबाद, साम्राज्यवाद का विरोध हो तथा अरावली बचाओ–जीवन बचाओ जैसे गगनभेदी नारों के साथ जुलूस का समापन हुआ।
इस अवसर पर इम्तियाज हुसैन लौहार ने कहा कि यदि अरावली पर्वतमाला का विनाश हुआ तो आने वाली पीढ़ियों को शुद्ध हवा और पानी के लिए संघर्ष करना पड़ेगा तथा भविष्य में लोगों को सांस लेने के लिए मास्क पहनने की नौबत आ जाएगी।
जिला संगठन मंत्री रमेशचन्द्र लड्ढा ने कहा कि अरावली पर्वतमाला उत्तर भारत की जीवन रेखा है। इसके नष्ट होने से पर्यावरण असंतुलन, गंभीर जल संकट, शुद्ध हवा की कमी तथा वन एवं वन्यजीव संरक्षण पर गहरा आघात पहुंचेगा।
गांधी दर्शन के डॉ. गोपाल सालवी ने सरकार पर दोहरा चरित्र अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि एक ओर एक पेड़ मां के नाम का संदेश दिया जाता है, वहीं दूसरी ओर अरावली को नष्ट करने के फैसले किए जा रहे हैं। सरकार को प्रकृति के साथ खिलवाड़ बंद करना चाहिए।
मशाल जुलूस में जिला महामंत्री अहसान पठान, कृष्ण कुमार डागा, पवन मेड़तवाल, रमेश बुनकर, शिव टेलर, डॉ. गोपाल सालवी, खुसरो कमाल, उस्मान गनी, एनएसयूआई जिलाध्यक्ष संजय राव सहित सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ता, युवा, वरिष्ठजन एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि अरावली पर्वतमाला के खिलाफ किसी भी प्रकार की गतिविधियां जारी रहीं तो आंदोलन को और अधिक व्यापक रूप दिया जाएगा।













