चित्तौड़गढ़। कुरियर व्यवसायी रमेश ईनाणी हत्याकांड में कोतवाली थाना पुलिस ने एक और महत्वपूर्ण गिरफ्तारी करते हुए रामस्नेही सम्प्रदाय से जुड़े रहे संत भजनाराम को हिरासत में लिया है। पुलिस मामले के मुख्य आरोपी संत रमताराम की सरगर्मी से तलाश कर रही है।
उल्लेखनीय है कि गत वर्ष 11 नवंबर को स्कूटी से जा रहे कुरियर व्यवसायी रमेश ईनाणी की प्रतापसेतु मार्ग पर दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। घटना के तुरंत बाद पुलिस ने उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले के चितईपुर निवासी मनीष कुमार उर्फ कमल दूबे को गिरफ्तार कर 6 दिन के रिमांड पर लिया था।

मृतक के परिजनों ने अपनी रिपोर्ट में बूंदी रोड स्थित रामद्वारा के संत रमताराम पर संदेह जताया था। अनुसंधान के दौरान पुलिस को रमेश ईनाणी और संत रमताराम के बीच लंबे समय से चल रहे भूमि विवाद, शूटर को अलग-अलग खातों से पैसे ट्रांसफर किए जाने, कॉल डिटेल रिकॉर्ड, मोबाइल लोकेशन, व्हाट्सएप कॉल व चैट सहित कई अहम डिजिटल साक्ष्य मिले। इन तथ्यों के आधार पर न्यायालय ने संत रमताराम की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी।
इसके बाद से संत रमताराम 24 नवंबर से फरार है। पुलिस द्वारा पूछताछ से पूर्व ही उसने मोबाइल बंद कर दिया और भूमिगत हो गया। पुलिस की टीमें उसके इंदौर स्थित पैतृक मकान एवं रिश्तेदारों के ठिकानों पर दबिश दे चुकी हैं, लेकिन अब तक उसका कोई सुराग नहीं मिला है।
इसी क्रम में शूटर मनीष उर्फ कमल दूबे को दोबारा रिमांड पर लेकर पूछताछ की गई, जिसमें संत रमताराम को शूटर से मिलाने में पाली जिले के बाली निवासी संत भजनाराम की संलिप्तता सामने आई। इसके आधार पर कोतवाली पुलिस ने संत भजनाराम को गिरफ्तार कर लिया है और उससे गहन पूछताछ की जा रही है।
पुलिस का कहना है कि पूछताछ के बाद हत्याकांड से जुड़े अन्य तथ्यों और आरोपियों का भी खुलासा होने की संभावना है।












